Thursday, August 14, 2008

उत्तराखंड में नेतृत्व बदलना लगभग तय


राजेन्द्र जोशी
देहरादून - उत्तराखंड भाजपा के असंतुष्ट विधायक लंबी जद््दोजहद के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री बीसी खंडूरी के भविष्य पर प्रश्न चिन्ह लगवाने में कामयाब हो गए। असंतुष्ट विधायकों के मुखिया भगत सिंह कोश्यारी आडवाणी से यह आश्वासन लेने में कामयाब रहे कि नेतृत्व परिवर्तन के विकल्प पर भी पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व विचार करेगा। आडवाणी से मिले इस आश्वासन के बाद असंतुष्ट विधायक वापस लौटने की तैयारी में जुट गए हैं।

खंडूरी को सीएम पद से हटाने की मांग को लेकर कोश्यारी के नेतृत्व में कुछ मंत्रियों समेत 27 विधायक दिल्ली में कैंप कर रहे थे। भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह समेत बागी विधायकों ने पार्टी के कई नेताओं से तीन दिनों के अंदर मुलाकात की। शुरू में पार्टी आलाकमान ने नेतृत्व परिवर्तन से साफ मना कर दिया था। असंतुष्टों को सिर्फ यह आश्वासन दिया गया था कि उनकी समस्याओं का समाधान बिना नेतृत्व परिवर्तन के हो जाएगा।

इसके बाद भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और आडवाणी ने खंडूरी को अपने व्यवहार में परिवर्तन लाने के लिए कहा था। लेकिन, असंतुष्ट विधायक इससे संतुष्ट नहीं हुए और दिल्ली में डेरा जमाए रखा। इस दौरान असंतुष्ट विधायकों ने अलग-अलग टीम में बंटकर पार्टी के वरिष्ठ नेता जसवंत सिंह, सुषमा स्वराज, रामलाल और पूर्व उप राष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत से मुलाकात की। लेकिन, आडवाणी से दो दिनों तक असंतुष्ट विधायक नहीं मिल सके।

आखिरकार, मंगलवार शाम कोश्यारी को आडवाणी ने मिलने का वक्त दे दिया। सूत्रों के मुताबिक कोश्यारी ने विस्तार से उन सभी मुद््दों का जिक्र किया जिस कारण खंडूरी से 35 में से 27 विधायक नाराज चल रहे हैं। आडवाणी को यह भी बताया गया कि यदि खंडूरी को नहीं हटाया गया तो विधायकों में असंतोष और बढ़ेगा तथा वे अपना इस्तीफा देने पर विचार करेंगे। आधे घंटे की मुलाकात के बाद आडवाणी ने पंचायत चुनाव तक इस प्रकरण को टालने के लिए कहा जिस पर कोश्यारी राजी हो गए। साथ ही आडवाणी ने इस बात के लिए कोश्यारी को आश्वस्त किया कि विधायकों की भावनाओं पर पूरी गंभीरता से पार्टी नेतृत्व विचार करेगा। विधायक ने जितने विकल्प बताएं हैं उन सभी पर गौर किया जाएगा, जिसमें नेतृत्व परिवर्तन का विकल्प भी शामिल है।

1 comment:

Udan Tashtari said...

स्वतंत्रता दिवस की बहुत बधाई एवं शुभकामनाऐं.